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अमेरिका में गन कल्चर की नीति

 अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों में गोलीबारी की घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। इसके लिए देश में बंदूक खरीदने और रखने से संबंधित आसान कानूनों को जिम्मेदार बताया जाता रहा है।

 अमेरिका की इस बंदूक संस्कृति पर पाबंदी की मांग लंबे समय से होती रही है। अब राष्ट्रपति जो वाइडन इस दिशा में कई प्रस्ताव पेश किए हैं। उन्होंने अमेरिकी संसद कांग्रेश से अपील की है कि वह असाल्ट गन और उच्च क्षमता वाली मैगजीन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएं। अगर ऐसा करना मुमकिन ना हो,  तो बंदूक खरीदने की उम्र बढ़ाकर 21 साल कर दी जाए। यही नहीं उन्होंने बंदूक रखने और बनाने वालों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। न्यूयॉर्क के गवर्नर ने एक ऐसा कानून पर दस्तख़त किया है जो 21 साल से कम उम्र के किशोरों या बच्चों को अर्ध स्वचालित हथियार खरीदने से रोकता है, क्योंकि अमेरिका में अंधाधुंध गोलीबारी की घटनाओं में पिछले कुछ वर्षों में अप्रत्याशित तेजी आई है। जब तक यहां बंदूक नीति को बदलने के प्रयास नहीं होंगे तब तक ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल है, लेकिन यह भी संभव नहीं है कि महज कानून से ही अमेरिका की तस्वीर  मे कुछ बदलाव आएगा। अभी पिछले दिनों टेक्सास के स्कूल में की गई गोलीबारी की घटना भला कौन भूल सकता है।

 एक किशोर ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर 19 बच्चों की जान ले ली थी। अमेरिका में बढ़ती आपराधिक हमलों की तस्वीर बड़ी भयावह है। वहां साल दर साल बंदूक हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि वहां आबादी से ज्यादा बंदूकें हैं, जबकि प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक साल 2020 में 46 फ़ीसदी हत्या 54 फ़ीसदी आत्महत्या और 3 फ़ीसदी अन्य तरह की मौतों का कारण बंदूक था। आंकड़े यह भी बताते हैं कि 2020 में कुल 24576 घटनाओं में से 19384 लोगों की हत्या की वजह बंदूक थी। यह आंकड़ा वर्ष 1968 के बाद से सबसे अधिक है। अमेरिका अर्थव्यवस्था को हर साल इस तरह की गोलीबारी के कारण लगभग 40 अरब डालर का नुकसान होता है।

। आखिर इसका समाधान अब तक क्यों नहीं निकल सका है? दरअसल अमेरिका में गन लॉबी इतनी मजबूत है और प्रशासन पर इस कदर हावी है कि वहां की सरकार भी इसके सामने बेबस नजर आती है। देखा जाए तो पूरा संयुक्त राज्य अमेरिका इन गन लॉबी के सामने लाचार है। यही वजह है कि जॉर्ज बुश बराक ओबामा  जैसे तमाम राष्ट्रपति करते रहें, इसीलिए वहां किशोरों के हाथों में भी हम बंदूक देखते हैं, क्योंकि यह उनका संविधानिक अधिकार है। इसका कोई हल अमेरिका समाज या सरकार के पास नहीं है ।दूसरी ओर ,बढ़ती आर्थिक असमानता के कारण गरीबी और बेरोजगारी का डर भी लोगों से ऐसी घटनाएं कराता है। सच यह है कि अमेरिका समाज में समता और आपसी भाईचारे की भावना का सच यह है कि अमेरिका समाज में क्षमता और आपसी भाईचारे की भावना का नितांत अभाव है। अमीरों और गरीबों के बीच नफरत से भरी खाई है, जिसे अमेरिकी व्यवस्था इतनी दम मारने के बाद भी नहीं भर पाई है। केवल  कानून बना देने से अमेरिका की बंदूक संस्कृति नहीं खत्म होगी। कानून बेशक उसमें एक सहायक की भूमिका निभाएगा लेकिन समाज को इसके लिए आगे आना होगा और अपनी कमियों से पार पाना होगा।


                                           adhyan   , चंद्रशेखर सिंह

                                         (यह लेखक के अपने विचार हैं)

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