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study at unification of India in Hindi. भारत का एकीकरण

 अखंड भारत का सपना :-
                                      आज हम जो अखंड india देख रहे हैं इसकी आधारशिला बहुत पहले आचार्य चाणक्य ने रखी थी, क्योंकि उन्हें डर था कि सिकंदरl महान विश्व विजेता बनने के लिए macedoniaसे होते हुए अफगान राजाओं को हराकर भारत की तरफ आगे बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें कई रियासतों में   विखंडित भारतवर्ष को एकत्रित करके अखंड भारत बनाना था

आधुनिक इतिहास में ,जहां मराठा अपने वर्चस्व के लिए मुगलों से प्रतिस्पर्धा कर रहे थे ना कि अखंड भारत बनाने में योगदान दे रहे थे इनके ही नहीं बल्कि समूचे भारत की जनता के अंदर राष्ट्रीयता की भावना तब ही नहीं जैसा कि आज हम देखते हैं /
आजादी का दौर
भारत का एकीकरण :-
                                स्वतंत्रता आंदोलनों के पश्चात जब अंग्रेज भारत को स्वतंत्र करने के लिए विवश हुए तब उन्होंने भारत की आजादी के साथ भारत को दो राष्ट्रों में विभाजित कर दिया भारत और पाकिस्तान,तब भारत 565 रियासतों में बंटा था और उन रियासतों के सामने अंग्रेजों ने यह विकल्प पेश किया या तो वह अपना विलय भारत में या पाकिस्तान में कर सकते हैं/

तब भारत के एकीकरण की आधारशिला सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखी/
  • 6 मई 1947 को सरदार पटेल ने रियासत और रजवाड़ों का भारत में विलय का अभियान शुरू कर दिया,विलय के लिए सरदार पटेल ने रियासतों के राजाओं और नवाबों को नियमित आर्थिक मदद का प्रस्ताव रखा और उन्हें 15 अगस्त 1947 तक भारत में सम्मिलित होने की समय सीमा भी तय कर दी 
  • धीरे धीरे भारत के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सभी राजवाड़ा और रियासतों ने अपना विलय भारत में कर दिया/
  • 15 अगस्त 1947 को जब देश अंग्रेजों से आजाद हुआ तब तक हैदराबाद जूनागढ़ और जम्मू-कश्मीर की रियासतों ने भारत में अपना विलय नहीं किया /
  1. जम्मू कश्मीर:-                                                             जम्मू कश्मीर कि राजा हरि सिंह कोई फैसलाा नहीं ले पाए थे /कव्वालियों के वेश में जब पाकिस्तानी फौज ने कश्मीर पर हमला किया तब कश्मीर के महाराज हरि सिंंह ने 25 अक्टूबर 1947 को जम्मू कश्मीर का भारत मेंं विलय का फैसलाा किया /
2. जूनागढ़:-
                  जूनागढ़ जो कि सौराष्ट्र गुजरात में स्थि्थित है , जूनागढ़ के नवाब मोहम्मद नवाब हुसैन खान जी नेेे पाकिस्तान मैं विलय करनेे का फैसलाा किया / जूनागढ़ की हिंदू बहुसंख्यक जनता भारत में विलय करना चाहतीी थी/ तब सरदार पटेल ने जूनागढ़़़़ के आर्थिक घेराबंदी शुरूूू कर दिए, आर्थिक घेराबंदी से परेशान जनताा ने नवाब के खिलाफ विद्रोह शुरू कर दिया
_26 अक्टूबर 1947 को जूनागढ़ का नवाब सपरिवार सहित पाकिस्तान भाग गया
-7 नवंबर 1947 को जूनागढ़ को औपचारिक तौर पर भारत में शामिल कर दिया गया/

3. हैदराबाद:-
                    हैदराबाद के निजाम उस्मान अली खा'ने आजाद रहने तथा भारत में विलय न करने के फैसले पर अड़ा था /हैदराबाद की बहुसंख्यक जनता भारत में शामिल होने के लिए आंदोलन कर रहे थे निजाम ने आंदोलनों को कुचलने के लिए तथा अपनी शान शौकत के लिए हैदराबाद की जनता पर जुर्म धारा था/इस परिस्थिति में सरदार पटेल ने एक फैसला किया-
-13 सितंबर 1948 को भारतीय सेना को हैदराबाद पर चढ़ाई करने का आदेश दे दिया
-ऑपरेशन पोलो के तहत भारतीय सेना ने 2 दिनों के पश्चात हैदराबाद पर विजय प्राप्त कर लिया
 और निजाम ने आत्मसमर्पण कर दिया
सरदार पटेल कूटनीतिक तौर पर निजाम को अपने साथ लिया और हैदराबाद का विलय भारत में हो गया

        

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