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Nai shiksha niti 2020


भारतीय शिक्षा जगत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है
, क्योंकि आज  दिनांक 29 जुलाई 2020 कोभारत सरकार के कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की नई शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी है।

नई शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी मिलने के बाद भारतीय शिक्षा पद्धति में कुछ अहम बदलाव हो रहे हैं।
यह व्यवस्था मैं अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन की तरह भारत में नेशनल रिसर्च फाउंडेशन लाया जाएगा।
इस बदलाव के साथ साथ सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया जाएगा।

 National education policy 2020


  • शिक्षा नीति में सरकार 10+2 शिक्षा व्यवस्था खत्म कर नई 5+3+3+4 शिक्षा व्यवस्था लागू कर रही है जिस का विवरण निम्न है
  • 5= पहले 5 वर्षों में शिशु अवस्था के 3  वर्ष व कक्षा 1व 2 शामिल है।
  • 3 = कक्षा तीसरी चौथी व पांचवीं के छात्रों के लिए अलग चरण बनाया गया है।
  • 3 =इसमें कक्षा 6, 7,8, के छात्र मध्य चरण में होंगे।
   . 4 =कक्षा 9, 10 ,11 ,12 के छात्र माध्यमिक चरणके 
    होंगे। और इन छात्रों के लिए सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली लागू कर दिया जाएगा जिसमें 1 साल में 2 सेमेस्टर होंगे। दोनों सेमेस्टर के अंको को जोड़ कर छात्रों के 1 वर्ष का परिणाम जारी किया जाएगा।


नई शिक्षा नीति के अनुसार पांचवी तक के छात्रों को अपनी स्थानीय भाषा मातृभाषा व राष्ट्रभाषा में पढ़ाया जाएगा। जिससे अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी और छात्र अंग्रेजी को मात्र एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाई कर सकेंगे।

ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन
   
नई शिक्षा नीति 2020 मैं ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन को आपस में मिलाकर इसकी समय अवधि 5 साल से घटाकर 4 साल कर दिया गया है जिसमें प्रथम वर्ष के छात्रों को पास होने पर सर्टिफिकेट दूसरे वर्ष के छात्रों को डिप्लोमा व तृतीय वर्ष के छात्रों को पास होने पर डिग्री प्रदान की जाएगी
चौथे वर्ष के छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्रदान की की जाएगी। जिससे कि छात्र अब एम ए की डिग्री एक ही वर्ष मैं प्राप्त कर लेंगे।

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